Thainá Almeida
किंवदंती, Mockbusters.tv के अनुसार
थैना अल्मेइदा सेट पर इतनी बेतरतीब स्वाभाविकता लेकर आती हैं कि स्क्रिप्ट्स हार मान लेती हैं और उन्हें कोई वाक्य सुझाने से पहले इजाज़त माँगती हैं। वह उस स्वतंत्र थिएटर में तपकर निकली हैं जो अस्तित्व में सबसे ज़्यादा स्वतंत्र है: बिना हॉल के, बिना दर्शकों के, बिना इजाज़त के, सिर्फ़ सच्चाई के साथ। वह पूरी स्क्रिप्ट पहली ही रीडिंग में याद कर लेती हैं, जो अक्सर आख़िरी रीडिंग भी होती है, क्योंकि दोहराना उन्हें अपनी सहज-प्रवृत्ति का अपमान लगता है। 'Abelhinhas' और 'Escola de Princesinhas' में उन्होंने ऐसे हाव-भाव ईजाद किए जिन्हें हॉलीवुड अब भी ईर्ष्या से, और चश्मदीदों के मुताबिक, दूरबीन लगाकर अध्ययन कर रहा है।
Mockbusters.tv के व्यंग्य जगत का चित्रण: हास्यपूर्ण प्रशंसा, तथ्यात्मक जीवनी नहीं।

